Tuesday, April 6, 2010

ग्रीनहंट का लाल रंग


ग्रीनहंट का लाल रंग

नवम्बर माह में केंद्र सरकार द्वारा शुरू किये गए "ऑपरेशन ग्रीनहंट " का रंग इतनी जल्दी लाल हो जाएगा ये किसी ने नहीं सोचा था ,कल छत्तीसगढ़ के दंतेवाडा में नक्सालियों ने सीआरपीएफ के 73 जवानो को मौत के घाट उतार दिया और गृहमंत्री पी चिदंबरम की लालगढ़ की यात्रा का ज़वाब भी नक्सालियो ने लाल रंग से ही दे दिया .....जहाँ नेता इस यात्रा के बाद भाषा के विवाद में फसे रहे वहीँ नक्सालियों ने अपने ऑपरेशन को अंजाम दे डाला ,

दो दिन पहले कोरापुट में हुए हमले के बाद भी सैन्य बल चौकन्ने नहीं हो सके और सही मौके की तलाश में घात लगाये नक्सालियों ने इतनी बड़ी घटना को अंजाम दे डाला, नक्सलियों का लगभग एक हज़ार की तादाद में इकट्ठा होना और प्री-प्लान के अनुसार वारदात को अंजाम देना हमारी खराब रणनीति और ख़राब खुफिया तंत्र की और इशारा करता है ....लोगों को गृहमंत्री की काबिलियत पे शक नहीं है ..केंद्र सरकार की नीयत भी साफ़ है कि किसी भी तरह से नक्सलवाद को ख़त्म करना है लेकिन झारखंड और पश्चिम बंगाल जैसी सरकारों का नक्सलियों के प्रति उदार होना केंद्र सरकार के किये कराये पे पानी फेर रहा है इसका खामियाजा सैन्यबलों को उठाना पड रहा है और उसपर ख़ुफ़िया तंत्र का फेल होना जले पे नमक का काम कर रहा है

शायद ये आज तक की सबसे बड़ी नक्सली वारदात है इसलिए हम इसे इतनी तवज्जो दे रहे ..इस घटना के बाद विपक्ष भी केंद्र सरकार के साथ आ गया है प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पहले ही नक्सलवाद को भारत की आतंरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बता चुके हैं .....लेकिन केंद सरकार द्वारा नक्सलवाद के खात्मे के लिए उठाए गए कदमो के सार्थक परिणाम ना आ पाना चिंता का विषय है ...दिन प्रतिदिन नक्सालियों कि ताकत बढ़ती जा रही है ...उन्हें चीन और पाकिस्तान जैसे देशों से सहायता मिलने के पहलु को भी नाकारा नहीं जा सकता ..इससे समस्या की गंभीरता और भी बढ़ जाती है

जिस प्रकार पूर्वोत्तर राज्यों में उग्रवाद से निपटने के लिए आर्म्ड फ़ोर्स स्पेशल पावर्स एक्ट बनाया गया था उसी तर्ज़ पर कोई नया कानून बनाकर क्यों नहीं हम इस गंभीर समस्या से निपट सकते हैं......हो सकता है इसे जंगलों में रहने वाले आदिवासियों को दिक्कत का सामना करना पड़े, आने वाली दिक्कतें कैसी भी हों दो पाटों के बीच में पिसने से बेहतर ही होगी

8 comments:

  1. अच्छी रचना। बधाई। ब्लॉगजगत में स्वागत।

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  2. Bahut dukhad waqaya hua...Naxalwad ko khatm karneke liye sabki ekjut honi chahiye,jo nahi hai..State Reverve Police ke jawan mare jayenge....unhen barson ghar jane ko nahi milta...ek zilese doosare zile duty lag jati hai...ilaqa unke parichayka nahi hota,jabki naxalwadi har ghanski pati jante hain..

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  3. घर का भेदी लंका ढाए. मुझे यह सौ फीसदी यकीन है कि सरकार ने खुफिया जानकारी लीक तो की है, इसके अलावा सरकार में भी कुछ ऐसे लोग हैं, जो बजाब्ता विभीषण बने हुए हैं.....

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  4. खुफिया तंत्र की नाकामी तो है ही लेकिन इस बात को भी नहीं भूलना चाहिये नक्सलियों की संख्या का अंदाजा भी हमने गलत लगाया,सीआरपीएफ को इतनी संख्या में आतंकी होने का मालूम ही नहीं था

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  5. ब्लॉग जगत में आपका स्वागत है... हिंदी में आपका लेखन सराहनीय है, इसी तरह तबियत से लिखते रहिये.

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  6. इस नए चिट्ठे के साथ हिंदी ब्‍लॉग जगत में आपका स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

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  7. Sarkar ki antrik kamjori ko ujagar karta lekh. Acche lekh ke liye sadhuwad.

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